ब्रजेन्द्र कुमार सिंह (लखनऊ) निष्पक्ष टुडे :- वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई के दबाव और सुरक्षित निवेश की तलाश के बीच सोना और चांदी ने एक बार फिर बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे सर्राफा बाजार […]
ब्रजेन्द्र कुमार सिंह (लखनऊ) निष्पक्ष टुडे :-
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई के दबाव और सुरक्षित निवेश की तलाश के बीच सोना और चांदी ने एक बार फिर बाजार में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। वर्ष 2026 की शुरुआत से ही दोनों कीमती धातुओं के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे सर्राफा बाजार से लेकर निवेश जगत तक उत्साह और चर्चा तेज हो गई है।
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बाजार सूत्रों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेजी का असर घरेलू सर्राफा बाजारों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। सोना लगातार नए उच्च स्तर बना रहा है, जबकि चांदी में आई तेज उछाल ने निवेशकों को चौंका दिया है।
क्यों बढ़ रहे हैं दाम
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं में सुस्ती के संकेत, ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को जोखिम भरे विकल्पों से दूर कर दिया है। ऐसे माहौल में सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश माना जाता है।
इसके साथ ही केंद्रीय बैंकों की बढ़ती सोना खरीदारी ने भी कीमतों को मजबूती दी है।
चांदी की बढ़ती मांग
चांदी की कीमतों में तेजी के पीछे औद्योगिक मांग की अहम भूमिका मानी जा रही है। सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में चांदी की खपत लगातार बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर सीमित आपूर्ति के कारण चांदी के दामों में और तेजी देखने को मिल रही है।
घरेलू निवेशकों में बढ़ा भरोसा
भारत में सोना सिर्फ आभूषण नहीं, बल्कि पारंपरिक निवेश का मजबूत साधन रहा है। शादी-विवाह के मौसम और बचत की प्रवृत्ति ने सोने की मांग को और बल दिया है। वहीं चांदी में भी छोटे निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार जानकारों का कहना है कि मौजूदा तेजी को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी से बचना चाहिए। सोना और चांदी दोनों में चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति मानी जा रही है। साथ ही फिजिकल खरीद के साथ-साथ ETF और सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड जैसे विकल्पों पर भी विचार करने की सलाह दी जा रही है,सोना और चांदी मौजूदा दौर में निवेशकों के लिए भरोसे का दूसरा नाम बनते जा रहे हैं। जहां सोना स्थिरता का प्रतीक है, वहीं चांदी तेज रिटर्न की संभावना पेश कर रही है। ऐसे में संतुलित और सोच-समझकर किया गया निवेश ही भविष्य में बेहतर लाभ दिला सकता है।