“पत्रकार कभी हार नहीं मानता, जो हार गया वह पत्रकार नहीं है”। यह बात दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा एवं पत्रकारिता विभाग में आयोजित ‘साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य वक्ता गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रत्नाकर सिंह ने कही। उन्होंने भारतीय मीडिया की विश्वसनीयता पर गंभीर […]
“पत्रकार कभी हार नहीं मानता, जो हार गया वह पत्रकार नहीं है”। यह बात दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के हिन्दी एवं आधुनिक भारतीय भाषा एवं पत्रकारिता विभाग में आयोजित ‘साप्ताहिक संवाद कार्यक्रम’ में बतौर मुख्य वक्ता गोरखपुर जर्नलिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रत्नाकर सिंह ने कही।
उन्होंने भारतीय मीडिया की विश्वसनीयता पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज पत्रकारिता अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है और विश्वसनीयता का जो संकट दिखाई देता है, वह पत्रकारों के कारण नहीं बल्कि संस्थाओं एवं उनके संचालकों की नीतियों का परिणाम है।
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उन्होंने कहा कि आज सूचना का प्राथमिक स्रोत वास्तविक घटनास्थल पर जा कर देखने के बजाय न होकर व्हाट्सएप द्वारा फारवर्ड संदेश बन गया है, जिससे वास्तविक समाचार ठीक से नहीं मिल पा रहा है। रत्नाकर सिंह ने स्पष्ट किया कि पत्रकार केवल समाचार लिखने वाला नहीं होता, बल्कि समाज को दिशा देने वाला मार्गदर्शक भी होता है। इसलिए एक पत्रकार को न किसी पक्ष में खड़ा होना चाहिए, न विपक्ष में — उसे सदैव निष्पक्ष रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “विश्वसनीयता हर व्यक्ति के भीतर होती है, लेकिन उसे बनाए रखना पत्रकार की जीवटता पर निर्भर करता है। जब तक पत्रकार मानवीयता, समावेशी दृष्टि और जनपक्षधरता को अपनी लेखनी में जीवित रखेगा, उसकी विश्वसनीयता पर कोई संकट नहीं आएगा।”
उनके उद्बोधन के बाद प्रश्नोत्तर सत्र का आयोजन किया गया जिसमें उन्होंने छात्र-छात्राओं के प्रश्नों और जिज्ञासाओं का उत्तर दे कर उन्हें समृद्ध किया।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए पत्रकारिता पाठ्यक्रम के समन्वयक डॉ. राजेश मल्ल ने कहा कि लगभग 50 वर्षों के कार्यकाल में रत्नाकर सिंह पत्रकारों के अधिकारों, उनके परिवारजनों की समस्याओं और जीवन स्तर में सुधार के लिए निरंतर संघर्षरत रहे हैं। उनकी कलम हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की आवाज़ को प्रमुखता देती रही है।
कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन विभाग के शिक्षक डॉ. रजनीश कुमार चतुर्वेदी ने किया। इस कार्यक्रम में पत्रकारिता पाठ्यक्रम के सहायक समन्वयक डॉ. रामनरेश राम के अतिरिक्त विभाग के शिक्षक गण डॉ. अन्वेषण सिंह, डॉ. नरगिस बानो, अभय शुक्ला उपस्थित रहे।