गोरखपुर। आपातकालीन परिस्थितियों में नर्सों की त्वरित प्रतिक्रिया और ट्रॉमा देखभाल दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से, AIIMS गोरखपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने ‘स्टॉप द ब्लीड’ विषय पर सतत नर्सिंग शिक्षा (CNE) सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान की नर्सिंग टीम को गंभीर रक्तस्राव को रोकने की आवश्यक तकनीकों में प्रशिक्षित करने के […]
गोरखपुर। आपातकालीन परिस्थितियों में नर्सों की त्वरित प्रतिक्रिया और ट्रॉमा देखभाल दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से, AIIMS गोरखपुर के कॉलेज ऑफ नर्सिंग ने ‘स्टॉप द ब्लीड’ विषय पर सतत नर्सिंग शिक्षा (CNE) सत्र का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान की नर्सिंग टीम को गंभीर रक्तस्राव को रोकने की आवश्यक तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित किया गया, ताकि जीवनरक्षक हस्तक्षेप को और प्रभावी बनाया जा सके।
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AIIMS गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक, मेजर जनरल (डॉ.) विभा दत्ता, एसएम (सेवानिवृत्त) के दूरदर्शी नेतृत्व और नर्सिंग डीन, प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार शर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस सत्र में लगभग 50 नर्सिंग पेशेवरों ने भाग लिया। प्रतिभागियों को गंभीर रक्तस्राव प्रबंधन के व्यावहारिक कौशल सिखाए गए, जो ट्रॉमा के मामलों में रोकी जा सकने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।
*नर्सों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*
मुख्य नर्सिंग अधिकारी (CNO) और प्रिंसिपल, डॉ. रेणुका के. ने इस प्रशिक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए कहा, “आपातकालीन स्थितियों में समय पर रक्तस्राव को रोकना अनगिनत जीवन बचा सकता है। नर्सों को इन महत्वपूर्ण जीवनरक्षक कौशलों से सुसज्जित करना हमारी प्राथमिकता है।”
इस हैंड्स-ऑन सत्र का संचालन श्री अरुण वर्गीस, असिस्टेंट प्रोफेसर, द्वारा किया गया। उन्होंने मूलेज-आधारित सिमुलेशन तकनीकों का उपयोग करते हुए वास्तविक आपातकालीन परिदृश्यों का निर्माण किया, जिससे प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में रक्तस्राव रोकने का अभ्यास करने का अवसर मिला। इस इंटरएक्टिव प्रशिक्षण ने नर्सिंग स्टाफ के आत्मविश्वास और ट्रॉमा देखभाल दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि की।
*निरंतर प्रशिक्षण से नर्सिंग क्षमताओं को मिलेगा नया आयाम*
AIIMS गोरखपुर का CNE सेल नर्सिंग पेशेवरों के सतत प्रशिक्षण और कौशल विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के नियमित प्रशिक्षण सत्र न केवल नर्सिंग स्टाफ की क्षमता को मजबूत करते हैं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने में भी सहायक होते हैं।
सत्र में भाग लेने वाले नर्सिंग पेशेवरों ने इस गहन प्रशिक्षण को अत्यधिक प्रभावी बताया और कहा कि इससे आपातकालीन स्थितियों में उनकी त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार होगा। AIIMS गोरखपुर इस तरह की पहलों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और ऊंचे स्तर पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।