
ब्यूरो चीफ नीलम सिंह
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अयोध्या। चिकित्सा एवं आयुर्वेद के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए अयोध्या की आयुर्वेद गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. समीक्षा को राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित ‘गांधी सेवा रत्न’ सम्मान से नवाजा गया। राजस्थान के सूरजगढ़ स्थित रानी बाग पैलेस में आयोजित राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह में उन्हें यह सम्मान चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं अभिनव योगदान के लिए प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व पुलिस महानिदेशक रवि प्रकाश मेहरड़ा ने डॉ. समीक्षा को सम्मान प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।
सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रवि प्रकाश मेहरड़ा ने कहा कि चिकित्सक मानव सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। चिकित्सा केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि समाज और मानवता के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों की सेवा और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का कार्य समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉ. समीक्षा के चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व संयुक्त सचिव इंद्र राज सिंह ने शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण एवं विकास के लिए ए.एस.एस. इंडिया द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है और नई पीढ़ी को बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
आयुर्वेद और प्राकृतिक जीवनशैली पर जोर
सम्मान प्राप्त करने के बाद डॉ. समीक्षा ने अपने संबोधन में आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अत्यधिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और खान-पान में लापरवाही के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में प्राकृतिक जीवनशैली और संतुलित दिनचर्या को अपनाना बेहद जरूरी है।
उन्होंने इन्फर्टिलिटी यानी बांझपन की समस्या को भी गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इसका प्रभाव केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दंपत्तियों के मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। डॉ. समीक्षा ने आयुर्वेद आधारित जीवनशैली, उचित खान-पान और मानसिक संतुलन के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि आयुर्वेद एवं प्राकृतिक जीवनशैली के माध्यम से संतान सुख की इच्छा रखने वाले अनेक दंपत्तियों को मातृत्व की दिशा में सहायता देने का प्रयास किया गया है। उनका कहना है कि स्वस्थ जीवन के लिए व्यक्ति को अपनी दिनचर्या, खान-पान और मानसिक स्वास्थ्य पर समान रूप से ध्यान देना चाहिए।
डॉ. समीक्षा विश्व आयुर्वेद परिषद, अयोध्या की महिला प्रकोष्ठ प्रभारी भी हैं। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वह आयुर्वेद के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उनके अनुसार, आयुर्वेद की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति और प्राकृतिक जीवनशैली को वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ समझकर अपनाना स्वस्थ समाज की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
राष्ट्रीय प्रतिभा सम्मान समारोह में चिकित्सा, शिक्षा, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान राजस्थान के पारंपरिक लोकनृत्यों सहित विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आयोजित की गईं। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया और समारोह को यादगार बना दिया।
इस अवसर पर डॉ. स्वामी चरण, डॉ. तेज सिंह राठौड़, निकिता थालोर, साहित्यकार अब्दुल समद राही तथा विश्व आयुर्वेद परिषद अयोध्या के सचिव डॉ. विवेक श्रीवास्तव सहित अनेक विशिष्टजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन मनजीत सिंह तंवर ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन श्री धर्मपाल सिंह गांधी ने किया।
डॉ. समीक्षा को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान से अयोध्या के चिकित्सा और आयुर्वेद क्षेत्र से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। लोगों ने इसे उनके चिकित्सा क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और आयुर्वेद के प्रति जागरूकता फैलाने के प्रयासों का महत्वपूर्ण सम्मान बताया। राष्ट्रीय मंच पर अयोध्या की प्रतिभा को मिले इस सम्मान को जिले के लिए भी गौरवपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।




