“सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव: अब भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य, नहीं बच सकेंगे भूमाफिया !” गोरखपुर। सम्पत्ति खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत! अब कोई भी व्यक्ति भूमि खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर सकेगा कि वह जिस जमीन में निवेश कर रहा है, उसका असली भू-उपयोग क्या है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के […]
“सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में बड़ा बदलाव: अब भू-उपयोग का उल्लेख अनिवार्य, नहीं बच सकेंगे भूमाफिया !”
गोरखपुर। सम्पत्ति खरीदने वालों के लिए बड़ी राहत! अब कोई भी व्यक्ति भूमि खरीदने से पहले यह सुनिश्चित कर सकेगा कि वह जिस जमीन में निवेश कर रहा है, उसका असली भू-उपयोग क्या है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशों के बाद सम्पत्तियों की रजिस्ट्री में पार्क, हरित पट्टिका, क्रीड़ा स्थल, खुले स्थान और महायोजना मार्ग के भू-उपयोग का स्पष्ट उल्लेख करना अनिवार्य कर दिया गया है।
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“गोरखपुर में लागू हुई नई व्यवस्था”
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने गोरखपुर महायोजना 2031 के तहत चिह्नित भू-उपयोग क्षेत्रों की गाटा संख्यावार सूची रजिस्ट्री कार्यालय को सौंप दी है। अब रजिस्ट्री कार्यालय को विक्रय विलेखों में स्पष्ट रूप से यह दर्ज करना होगा कि जिस भूमि की बिक्री हो रही है, वह किस उद्देश्य के लिए आरक्षित है। इससे भूमि खरीदने वालों को यह जानकारी आसानी से मिल सकेगी कि जिस भूखंड में वे निवेश कर रहे हैं, वह कहीं सार्वजनिक पार्क, खेल मैदान, हरित पट्टिका या महायोजना मार्ग के लिए तो आरक्षित नहीं है।
“भूमाफिया और धोखाधड़ी पर लगेगी रोक”
इस नए नियम से उन भूमाफियाओं और बिचौलियों पर लगाम लगेगी जो मासूम लोगों को ठगकर सरकारी या प्रतिबंधित जमीन बेचने का गोरखधंधा चला रहे थे। साथ ही, संपत्ति विक्रय विलेखों में यह भी दर्ज करना होगा कि संबंधित भूमि किसी विकास प्राधिकरण, नगर निगम या अन्य विभाग के पास बंधक तो नहीं रखी गई है। इससे खरीदारों को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि संपत्ति किसी कानूनी विवाद में तो नहीं फंसी हुई है।
“जीडीए ने जनता से की अपील: सतर्क रहें, सावधानी से करें खरीदारी”
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन ने आम जनता से अपील की है कि सम्पत्ति खरीदने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें और संबंधित विभागों से भू-उपयोग और बंधक स्थिति की जानकारी जरूर प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति बिना जांच-पड़ताल किए संपत्ति खरीदता है और बाद में पता चलता है कि वह सरकारी या प्रतिबंधित क्षेत्र में आती है, तो उसे कानूनी पचड़ों में फंसना पड़ सकता है।
“भूमि खरीदने से पहले ये जरूर करें”
रजिस्ट्री कार्यालय से यह जांचें कि जिस भूमि को आप खरीद रहे हैं, वह किस श्रेणी में आती है।
सुनिश्चित करें कि भूमि किसी भी सरकारी प्राधिकरण या बैंक में बंधक न हो।
किसी भी प्रॉपर्टी डीलर के झांसे में आने से पहले खुद भी जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि करें।
“नई व्यवस्था से क्या होंगे फायदे ?”
जमीन खरीदने में पारदर्शिता आएगी।
निवेशकों और आम जनता को धोखाधड़ी से बचाने में मदद मिलेगी।
महायोजना के तहत पार्क, खेल मैदान और अन्य सार्वजनिक उपयोग की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
भूमाफियाओं और अवैध प्लॉटिंग पर सख्त रोक लगेगी।
अब अगर आप कोई जमीन खरीदने जा रहे हैं, तो सतर्क रहें, हर दस्तावेज की जांच करें और सही जानकारी लेकर ही निवेश करें।