ब्यूरो चीफ (आजमगढ़ मण्डल) की खास रिपोर्ट, जौनपुर । स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना में देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता जगत की महत्वपूर्ण भूमिका रहती रही है लेकिन जौनपुर के वर्तमान कप्तान डॉक्टर कौस्तुभ की कार्यप्रणाली से पत्रकारों में उनकी स्थिति जन मानस के लिए ख़तरनाक देखी जा रही है। बता दें कि यही परिपाटी […]
ब्यूरो चीफ (आजमगढ़ मण्डल) की खास रिपोर्ट,
जौनपुर । स्वस्थ लोकतंत्र की स्थापना में देश के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता जगत की महत्वपूर्ण भूमिका रहती रही है लेकिन जौनपुर के वर्तमान कप्तान डॉक्टर कौस्तुभ की कार्यप्रणाली से पत्रकारों में उनकी स्थिति जन मानस के लिए ख़तरनाक देखी जा रही है। बता दें कि यही परिपाटी रही तो जनपद के तमाम पत्रकार प्रशासनिक अधिकारियों से मिलने के लिए विमुख हो जाएंगे और वह प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उनको ढूंढते नजर आएंगे।
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यह वाकिया है पिछले दिनों तरुणमित्र हिंदी दैनिक के ब्यूरो चीफ एवं जनपद के वरिष्ठ पत्रकार सतीश चन्द्र शुक्ल सत्पथी कवि, लेखक, पत्रकार ने नवागत पुलिस अधीक्षक जौनपुर डॉक्टर कौस्तुभ से मिलने के लिए उनके कार्यालय में नव वर्ष की कुछ प्रेस परिवार की तरफ से भेंट करना चाहा तो वह पत्रकारों की मोबाइल बाहर ही रखवा दिए जिससे तत्कालीन घटनाक्रम को उजागर करने में पत्रकार असहाय और अब मर्यादित दिखाते रहे। माननीय पुलिस अधीक्षक का यह कृत्य लगभग जौनपुर में कुछ एक अधिकारियों द्वारा प्राय: अपनाया जा रहा है, जो स्वयं में लज्जा का प्रतीक बन उभर रहा है।
पत्रकारों का मोबाइल उनका अस्त्र होता है, ऐसे में मिलने से पहले ही मोबाइल का रखवाया जाना निंदनीय कृत्य है, जहां आम जनमानस जनपद के लोकप्रिय पुलिस अधीक्षक के सामने अपने जीवन मरण की घूंट पीकर याचना करते दिखता है, वही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का यह अपमान हमारे ब्यूरो चीफ को बेहद खल गया। इस तरह की प्रवृत्ति अगर निरंतर जाग्रित होती रही तो जनपद के समस्त पत्रकार किसी भी समारोह का समाचार संकलन करने में असमर्थ होंगे और यह प्रशासन के लिए एक गंभीर चुनौती होगी। आए दिनों नित्य प्रति की खबरें छापने वाले चंद चाटुकारों से घिरे पुलिस अधीक्षक जौनपुर के लिए यह एक सुझाव ही नहीं सलाह भी है।
जनपद के तमाम बुद्धिजीवी एवं प्रबुद्ध पाठकों तथा लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की यह मांग है कि जिला प्रशासन पुलिस प्रशासन किसी भी मामले में निष्पक्षता की पराकाष्ठा को कायम रखते हुए लोकतंत्र के मानवीय मूल्यों की स्थापना करने में अपना सहयोग प्रदान करें। हम पत्रकार हैं, पत्रकारों को आवाज उठाना सत्ता पक्ष, विपक्ष एवं समाज की समस्याओं से शासन प्रशासन को जोड़ना उनका बेहद उत्तरदायित्व है। ऐसे में जिला एवं पुलिस प्रशासन इस मसले पर गंभीरता का परिचय दे और सकारात्मक सहयोग करें । यही वर्तमान समय की मूलभूत आवश्यकता है ।