गोरखपुर। 22 मार्च 2025, एम्स गोरखपुर के एनेस्थीसिया विभाग ने “क्रॉनिक पेन के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन” विषय पर एक मेडिकल शिक्षा कार्यक्रम (CME) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट तकनीकों पर चर्चा की गई, जो पुराने और गंभीर दर्द से राहत देने में मदद करती हैं। क्या है रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA)? रेडियोफ्रीक्वेंसी […]
गोरखपुर। 22 मार्च 2025, एम्स गोरखपुर के एनेस्थीसिया विभाग ने “क्रॉनिक पेन के लिए रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन” विषय पर एक मेडिकल शिक्षा कार्यक्रम (CME) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट तकनीकों पर चर्चा की गई, जो पुराने और गंभीर दर्द से राहत देने में मदद करती हैं।
क्या है रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA)?
रेडियोफ्रीक्वेंसी एब्लेशन (RFA) एक आधुनिक तकनीक है, जो न्यूनतम सर्जरी के जरिए मरीजों के दर्द को कम करने में मदद करती है। यह तकनीक खासतौर पर नसों से जुड़े दर्द, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, कैंसर दर्द और जोड़ों के दर्द के लिए उपयोगी होती है।
विशेषज्ञों ने दिए महत्वपूर्ण व्याख्यान
सीएमई में देशभर से आए विशेषज्ञों ने विभिन्न प्रकार के दर्द और उनके इलाज पर चर्चा की। इस दौरान कन्वेंशनल, पल्स्ड और कूल्ड आरएफए जैसी उन्नत तकनीकों के बारे में बताया गया। कार्यक्रम में मौजूद डॉक्टरों को ऑपरेशन थिएटर में लाइव केस डेमोंस्ट्रेशन देखने का भी अवसर मिला।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता:
प्रो. (डॉ.) विक्रम वर्धन (आयोजन अध्यक्ष, एम्स गोरखपुर) – “RFA तकनीक दर्द से राहत के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव है। यह मरीजों को लंबे समय तक दवाइयों या बड़ी सर्जरी से बचने में मदद कर सकती है।”
प्रो. (डॉ.) अजीत कुमार (एम्स ऋषिकेश) – “यह तकनीक पीठ दर्द, घुटनों के ऑस्टियोआर्थराइटिस और कैंसर दर्द के लिए बहुत फायदेमंद है।”
अन्य विशेषज्ञों ने भी अपने अनुभव साझा किए:
प्रो. (डॉ.) संतोष कुमार शर्मा (एम्स गोरखपुर) – न्यूरोपैथिक पेन और गसेरियन गैंग्लियन आरएफए
डॉ. रोहित लाहौरी (जम्मू) – कैंसर पेन और हिप पेन के लिए कूल्ड आरएफए
डॉ. प्रतिभा सिंह – घुटने के दर्द के लिए कूल्ड आरएफए
डॉ. दलजीत सिंह – कमर दर्द के लिए आरएफए
डॉ. बैभव भंडारी (बरेली) – आरएफए के विभिन्न प्रकार (कन्वेंशनल, PRFA, कूल्ड)
प्रो. (डॉ.) अनुराग अग्रवाल (आरएमएलआईएमएस, लखनऊ) – ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया के लिए इंटरवेंशनल तकनीकें
एम्स गोरखपुर का बड़ा कदम
सीएमई में शामिल डॉक्टरों और विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि एम्स गोरखपुर उन्नत दर्द प्रबंधन सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एम्स गोरखपुर के डॉ. रवि शंकर शर्मा ने बताया कि अस्पताल क्रॉनिक पेन मैनेजमेंट को नियमित चिकित्सा प्रक्रिया में शामिल कर रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर और किफायती इलाज मिल सके।
क्या मिलेगा मरीजों को फायदा?
दर्द से दीर्घकालिक राहत
सर्जरी की जरूरत नहीं
न्यूनतम दवाई पर निर्भरता
कम खर्च में प्रभावी इलाज
*एम्स गोरखपुर के कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल प्रो. (डॉ.) विभा दत्ता* ने इस सीएमई की सराहना करते हुए कहा, “यह कार्यक्रम इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट तकनीकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इस सीएमई के जरिए एम्स गोरखपुर ने दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए एक नई उम्मीद जगाई है। एम्स गोरखपुर उन्नत चिकित्सा तकनीकों को आमजन तक पहुंचाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।”
यह संस्थान आधुनिक इंटरवेंशनल पेन मैनेजमेंट तकनीकों को सभी के लिए सुलभ बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।