बस्ती जिला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति मिली कूड़े के ढेर में कांग्रेस पार्टी पदाधिकारियों शुरू किया धरना प्रदर्शन , बस्ती। संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अपमान का मुद्दा देश भर में छाया हुआ है, और लगातार विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है, और अब बस्ती […]
बस्ती जिला में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति मिली कूड़े के ढेर में कांग्रेस पार्टी पदाधिकारियों शुरू किया धरना प्रदर्शन ,
बस्ती। संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के अपमान का मुद्दा देश भर में छाया हुआ है, और लगातार विपक्षी पार्टियां सरकार को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है, और अब बस्ती में महात्मा गांधी के अपमान का मुद्दा छाया हुआ है, बस्ती जनपद में कांग्रेसियों ने महात्मा गांधी की सालों पुरानी प्रतिमा को कूड़े और मलबे के अंदर से ढूंढ कर निकाला है और अब सरकार पर आरोप लगा रहे हैं कि जो लोग संविधान निर्माता का अपमान कर सकते हैं वह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का अपमान करने से कैसे चूक सकते हैं।
आप को बता दें पूरा मामला बस्ती जनपद के अपर जिला अधिकारी के कार्यालय के सामने धराशाई की गई जिला पंचायत की बिल्डिंग के मलबे में पड़े सालों पुरानी महात्मा गांधी की प्रतिमा से जुड़ा हुआ है, कांग्रेस के नेताओं को जैसे ही यह सूचना मिली कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति भाजपा नेता और जिला पंचायत अध्यक्ष संजय चौधरी के जिला पंचायत की बिल्डिंग के मलबे में पड़ी हुई है, तो कांग्रेसी आनन फानन में दलबल के साथ मौके पर पहुंचे और मलबे के अंदर दबे कुचले पड़े भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की संगमरमर की मूर्ति को बाहर निकाला और जिले के आला अधिकारियों को इस मामले की सूचना दी, महात्मा गांधी की मूर्ति को साफ किया और मूर्ति रख कर धरने पर बैठ गए।
कांग्रेस के नेता गिरजेश पाल ने बताया कि जिला पंचायत की पुरानी बिल्डिंग को गिराकर नई बिल्डिंग का निर्माण चल रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने जिला पंचायत के सेंट्रल हॉल में लगी महात्मा गांधी की प्रतिमा को सा सम्मान और सुरक्षित रखने की बजाय उसे बिल्डिंग के पड़े मलबे और कूड़े में दबा कर रख दिया। उन्होंने खुद मालवा हटाकर महात्मा गांधी की मूर्ति को निकाला और अहिंसा पूर्ण तरीके से दोषी अधिकारी और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई के लिए धरने पर बैठ गए। कुछ ही देर बाद जिलाधिकारी रवीश गुप्ता की पहल के बाद अपर मुख्य अधिकारी विजय प्रकाश वर्मा अपने मातहत कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचे और कांग्रेस नेताओं को धरना समाप्त करने की सिफारिश करने लगे इस दौरान अपर मुख्य अधिकारी कई बार कांग्रेस नेताओं के सामने महात्मा गांधी के अपमान पर खेद व्यक्त किया और माफी भी मांगी।
वही इस पूरे मामले को लेकर अपर मुख्य अधिकारी विजय प्रकाश वर्मा से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी की प्रतिमा कूड़े में फेंकी गई थी और यह बेहद शर्मनाक बात है। इस कृत्य में शामिल बिल्डिंग को गिराने का ठेका लेने वाले ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है। कहा कि ठेकेदार को ब्लैक लिस्ट में किया जाएगा और टेंडर तुरंत निरस्त करने की भी कार्रवाई होगी।