पाप के तीन कारणों पर हुआ चिंतन, रावण को बताया महापातकी
“आनन्दमार्ग जागृति में तीन दिवसीय सेमिनार का समापन।” गोरखपुर। दक्षिणी बेतियाहाता स्थित आनन्दमार्ग जागृति में चल रहे तीन दिवसीय सेमिनार के अंतिम दिन “पापस्य कारण त्रयम्” विषय पर चर्चा करते हुए आचार्य मेघदीपानन्द अवधूत ने कहा कि अभाव, आधिक्य और अवरोध पाप के मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि पातकी, अतिपातकी और महापातकी तीन प्रकार […]

गोरखपुर। दक्षिणी बेतियाहाता स्थित आनन्दमार्ग जागृति में चल रहे तीन दिवसीय सेमिनार के अंतिम दिन “पापस्य कारण त्रयम्” विषय पर चर्चा करते हुए आचार्य मेघदीपानन्द अवधूत ने कहा कि अभाव, आधिक्य और अवरोध पाप के मुख्य कारण हैं। उन्होंने कहा कि पातकी, अतिपातकी और महापातकी तीन प्रकार के पापी होते हैं।
लेखक: Anil Singh
निष्पक्ष टुडे के विशेष संवाददाता। राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग का अनुभव।
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