ज्योतिष डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
रात 8:06 बजे पूर्णिमा होगी चरम पर, मकर तारामंडल में चमकेगा चंद्रमा; बिना दूरबीन के भी दिखेगा अद्भुत नज़ारा
29 जुलाई 2026 को दिखेगा वर्ष का आकर्षक ‘बक मून’,/ फुल मून
गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ
खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की शाम आकाश प्रेमियों और सामान्य जनमानस के लिए विशेष रहने वाली है क्योंकि इस दौरान भारतीय समयानुसार रात 8:06 बजे जुलाई की पूर्णिमा अपने चरम पर होगी। इस दौरान चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में रहेगा तथा लगभग –12.7 मैग्नीट्यूड की चमक से दमकेगा एवं इसी पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से ‘बक मून’ (Buck Moon) कहा जाता है। इसका विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यही दिन आषाढ़ पूर्णिमा अथवा गुरु पूर्णिमा का भी है। इस प्रकार एक ही दिन खगोलीय और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण संयोग देखने को मिलेगा।

क्या होती है पूर्णिमा ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा वह खगोलीय अवस्था है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं तथा पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। इस स्थिति में चंद्रमा का सूर्य से प्रकाशित पूरा निकटवर्ती भाग पृथ्वी की ओर दिखाई देता है, इसलिए वह पूर्ण गोलाकार एवं अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है। या कुछ यूं कहें कि पूर्णिमा वह समय होता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के विपरीत दिशाओं में एक सीध में होते हैं, जिसे खगोलविज्ञान की भाषा में’ सिज़ीगी’ कहते हैं।उस समय, चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी की ओर होता है जबकि दूसरा भाग अंधकार में होता है। अमावस्या के समय इसका ठीक विपरीत होता है।















