अयोध्या में भोजपुरी सिनेमा का दबदबा! गजेन्द्र त्रिपाठी ने रामलला के दरबार में टेका माथा, हनुमानगढ़ी में लिया आशीर्वाद—संतों ने किया भव्य सम्मान
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अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में उस वक्त आस्था, पत्रकारिता और भोजपुरी सिनेमा का अनोखा संगम देखने को मिला, जब गोरखपुर के चर्चित भोजपुरी फिल्म निर्देशक एवं आज तक न्यूज़ चैनल के ब्यूरो चीफ गजेन्द्र त्रिपाठी अयोध्या पहुंचे।
अयोध्या की पावन धरती पर कदम रखते ही गजेन्द्र त्रिपाठी सबसे पहले श्रीराम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभु श्रीराम के दर्शन-पूजन किए और रामलला के चरणों में शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त किया। रामलला के दरबार में पहुंचते ही वातावरण भक्तिमय हो उठा और जय श्रीराम के उद्घोष से रामनगरी गूंज उठी।
रामलला के दर्शन के बाद गजेन्द्र त्रिपाठी हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने संकटमोचन बजरंगबली के दरबार में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। अयोध्या के आध्यात्मिक वातावरण और मंदिरों की भव्यता ने उनके इस धार्मिक प्रवास को खास बना दिया।
हनुमानगढ़ी पहुंचने पर संत सतीश दास ने गजेन्द्र त्रिपाठी का आत्मीय स्वागत किया। संतों की ओर से उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया। भोजपुरी सिनेमा, पत्रकारिता और धार्मिक आस्था से जुड़े लोगों की मौजूदगी ने इस मुलाकात को और भी खास बना दिया।
इस अवसर पर नीलम सिंह, सम्पादक ज्योतिष संसार हिंदी मासिक पत्रिका एवं न्यूज़ चैनल तथा ब्यूरो चीफ निष्पक्ष टूडे राष्ट्रीय हिंदी दैनिक समाचार पत्र एवं न्यूज़ चैनल, विशेष रूप से मौजूद रहीं।
उनके साथ संवाददाता अरविंद कुमार तिवारी, बिजेंद्र सिंह, चंदन कुमार, रानी कुमारी, सलौनी कुमारी, शिवराज कुमार, सचिन कुमार और राधा रमन प्रसाद सिंह भी मौजूद रहे।
गजेन्द्र त्रिपाठी ने अयोध्या पहुंचकर एक तरफ जहां प्रभु श्रीराम के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की, वहीं हनुमानगढ़ी में बजरंगबली का आशीर्वाद लेकर संतों से भी मुलाकात की।
भोजपुरी फिल्म जगत से जुड़े चर्चित निर्देशक और पत्रकार के अयोध्या आगमन को स्थानीय स्तर पर भी खास मुलाकात के तौर पर देखा गया। धार्मिक आस्था और भोजपुरी सिनेमा के इस संगम ने अयोध्या प्रवास को यादगार बना दिया।
अयोध्या सदियों से संतों, कलाकारों, साहित्यकारों और पत्रकारों की आध्यात्मिक यात्रा का केंद्र रही है। रामलला के दर्शन और बजरंगबली के आशीर्वाद के साथ यहां आने वाला हर श्रद्धालु अपने भीतर एक अलग आध्यात्मिक अनुभूति लेकर लौटता है।
गजेन्द्र त्रिपाठी का अयोध्या प्रवास भी इसी आस्था और सम्मान की तस्वीर बन गया—रामलला के दरबार में दर्शन, हनुमानगढ़ी में आशीर्वाद और संतों के हाथों भव्य सम्मान।
यानी एक ही यात्रा में आस्था भी, सम्मान भी और भोजपुरी सिनेमा की पहचान भी—रामनगरी में गूंजा जय श्रीराम का उद्घोष और यादगार बन गया गजेन्द्र त्रिपाठी का अयोध्या प्रवास।





