सूर्य प्रकाश ओझा गोरखपुर । फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपए के बैंक लोन घोटाले की जांच एक बार फिर से शुरू हो गई है। बांसगांव के रहने वाले रुद्रांश पांडेय पर ICICI समेत तीन निजी बैंकों से करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर रकम हड़पने का आरोप है।दरअसल, यह मामला कई महीनों से ठंडे बस्ते […]
सूर्य प्रकाश ओझा
गोरखपुर । फर्जी दस्तावेजों के सहारे करोड़ों रुपए के बैंक लोन घोटाले की जांच एक बार फिर से शुरू हो गई है। बांसगांव के रहने वाले रुद्रांश पांडेय पर ICICI समेत तीन निजी बैंकों से करोड़ों रुपए का कर्ज लेकर रकम हड़पने का आरोप है।दरअसल, यह मामला कई महीनों से ठंडे बस्ते में था। नगर निगम में रुद्रांश पांडेय का नाम फर्जी तरीके से दर्ज कराने का मामला सामने आने के बाद पुलिस की जांच रुक गई थी।हाल ही में केसों की समीक्षा के दौरान जब SP सिटी अभिनव त्यागी की नजर इस फाइल पर पड़ी तो पता चला कि अभी तक चार्जशीट तक दाखिल नहीं हुई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत जांच दोबारा शुरू करने का आदेश दिया।
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पुलिस जांच में सामने आया कि रुद्रांश पांडेय ने ICICI बैंक से 4.45 करोड़ रुपए का लोन लिया। इसके अलावा एक अन्य निजी बैंक से 80 लाख और तीसरे से 1.20 करोड़ रुपए भी कर्ज लिया।खास बात यह है कि जिस बैंक ने उसे डिफॉल्टर घोषित कर काली सूची में डाला, उसी बैंक में उसने नया खाता खुलवा लिया। फिलहाल, सिर्फ ICICI बैंक ने केस दर्ज कराया है। बाकी दोनों बैंकों ने अब तक शिकायत नहीं की है।
पुलिस चाहती है कि ICICI बैंक के केस में ही पूरे गिरोह की भूमिका का खुलासा किया जाए। इससे यह संदेश जाएगा कि बैंक लोन के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों और उन्हें मदद करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा।