गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :- खुद को एचआर अधिकारी बताने वाले युवक पर महिला सुपरवाइजर ने लगाया आरोप, कई अन्य लोगों से भी रकम वसूलने का दावा गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस ट्रेंड्स में सुपरवाइजर के […]
गोरखपुर ब्यूरो निष्पक्ष टुडे :-
खुद को एचआर अधिकारी बताने वाले युवक पर महिला सुपरवाइजर ने लगाया आरोप, कई अन्य लोगों से भी रकम वसूलने का दावा
गोरखपुर। एम्स गोरखपुर में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मोहद्दीपुर स्थित रिलायंस ट्रेंड्स में सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत प्रतिमा शर्मा ने विपिन कुमार मिश्रा उर्फ नीरज मिश्रा नामक युवक पर खुद को एम्स का एचआर अधिकारी बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख 9 हजार रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस से मामले की जांच कर कार्रवाई और धनराशि की रिकवरी की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को रिलायंस ट्रेंड्स में कार्य के दौरान प्रतिमा शर्मा की मुलाकात एक युवक से हुई, जिसने स्वयं को एम्स गोरखपुर में एचआर पद पर कार्यरत बताया। आरोप है कि युवक ने बेहतर वेतन वाली नौकरी दिलाने का आश्वासन देते हुए दस्तावेज और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर धनराशि जमा कराने को कहा।

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पीड़िता का कहना है कि 6 अप्रैल को उसे एम्स परिसर बुलाकर दस्तावेज लिए गए तथा बाद में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और नियुक्ति प्रक्रिया के नाम पर अलग-अलग तिथियों में ऑनलाइन माध्यम से पैसे लिए गए। आरोप है कि युवक ने व्हाट्सएप पर कर्मचारी आईडी और ज्वाइनिंग से जुड़े संदेश भेजकर भरोसा कायम रखा।
प्रतिमा शर्मा के अनुसार, उसने अपने कई परिचितों और सहकर्मियों को भी भर्ती प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसके बाद उनसे भी धनराशि जमा कराई गई। शिकायत में दावा किया गया है कि विभिन्न बैंक खातों से कुल 3 लाख 9 हजार रुपये आरोपी के यूपीआई खाते में ट्रांसफर किए गए।
जब निर्धारित तिथियों पर नियुक्ति पत्र और ज्वाइनिंग नहीं मिली तो पीड़िता ने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इस पर युवक ने पैसे लौटाने से इनकार कर दिया तथा पुलिस में शिकायत करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पीड़िता ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, विश्वासघात और धमकी देने सहित अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उच्चस्तरीय जांच कराने तथा ठगी गई धनराशि की शीघ्र रिकवरी कराने की मांग की है।