आज 26 जनवरी 2026 को मदरसा नूरिया खरिया में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य मे विभिन्न कार्यक्रमों, जिसमें चित्रकला, वाद- विवाद अन्य प्रतियोगिता का आयोजन मदरसा नूरिया खरिया, बगही भारी मे किया गया । इस उपलक्ष्य में मदरसा में झंडारोहण के उपरांत अपने अध्यक्षीय संबोधन में सैयद इज़हार, प्रबंधक, नूरिया खरिया ने “संवृद्धि का मंत्र – […]
आज 26 जनवरी 2026 को मदरसा नूरिया खरिया में गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य मे विभिन्न कार्यक्रमों, जिसमें चित्रकला, वाद- विवाद अन्य प्रतियोगिता का आयोजन मदरसा नूरिया खरिया, बगही भारी मे किया गया ।

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इस उपलक्ष्य में मदरसा में झंडारोहण के उपरांत अपने अध्यक्षीय संबोधन में सैयद इज़हार, प्रबंधक, नूरिया खरिया ने “संवृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत“ विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत को विकसित भारत के प्रमुख आधारभूत सिद्धांतों में से एक बताया उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि रणनीतिक स्वायत्तता और स्वदेशी क्षमताएँ, खतरों से निर्णायक रूप से निपटने, आत्मनिर्भरता को राष्ट्रीय शक्ति, सम्मान और वर्ष 2047 तक विकसित भारत की यात्रा का आधार बनाने के लिए बेहद अहम हैं और ऑपरेशन सिंदूर को भारत की रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का एक उदाहरण बताया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वदेशी क्षमताएं, जिनमें भारत में निर्मित हथियार भी शामिल हैं, भारत को निर्णायक और स्वतंत्र रूप से कार्य करने में सक्षम बनाती हैं, जिससे यह साबित होता है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेशी निर्भरता के भरोसे नहीं रह सकती।
उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत वर्ष 2025 के अंत तक मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप्स लॉन्च करेगा, जो अहम तकनीकी क्षेत्रों में देश की बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
उन्होंने अंतरिक्ष क्षेत्र में ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उल्लेखनीय उपलब्धियों का बच्चों से उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के एक नए युग का संकेत मिलता है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 300 से ज़्यादा स्टार्टअप, उपग्रहों, अन्वेषण और अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीकों में सक्रिय रूप से नए विचारों पर काम कर रहे हैं, जिससे यह साफ होता है कि भारत न केवल अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण में भाग ले रहा है बल्कि वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका भी निभा रहा है। आज खनिज मिशन जो कि ऊर्जा, उद्योग और रक्षा के लिए ज़रुरी संसाधनों को सुरक्षित करने के लिए भारत सरकार के पहल से शुरूआत की है, जिसके तहत 1,200 स्थलों की खोज की जा रही है और खनिजों पर नियंत्रण से रणनीतिक स्वायत्तता मज़बूत होती है। अपने भाषण के दौरान उन्होंने बताया कि भारत की कोविड-19 प्रतिक्रिया से प्रेरणा लेते हुए जहाँ स्वदेशी टीकों और कोविन जैसे मंचों ने दुनिया भर में लाखों लोगों की जान बचाई जिससे भारत न केवल अपनी स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी ज़रुरतों को पूरा कर पाने में सफल रहा ।
भाषण के दौरान “वोकल फॉर लोकल” पहल के तहत भारत में निर्मित वस्तुओं का समर्थन करने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि स्वदेशी उत्पादों की शुरूआत गर्व और शक्ति की भावना से होनी चाहिए, न कि मजबूरी से।
उन्होंने भारत सरकार के सबका साथ सबका विकास – सबका विश्वास प्रयास का सराहना करते हुए कहा कि हमारी परंपरा का सम्मान को मजबूत करना प्रधानमंत्री श्री मोदी का लक्ष्य है और उन्होंने सरकार द्वारा “मिशन सुदर्शन चक्र” का भी उल्लेख किया, जिसका मकसद दुश्मन की रक्षा घुसपैठ को बेअसर करना और भारत की आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाना है।
उक्त अवसर पर प्रतियोगिता में विजयी मदरसा छात्रो एवं छात्रा को पुरस्कार आदि एवं मिष्ठान वितरित किया गया । उक्त अवसर पर तमाम स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे ।