“कलेक्ट्रेट से लेकर मुख्यमंत्री तक गूँजी आवाज़, माफी के बाद भी बच नहीं पाएंगे स्थानांतरण से, डीएम ने कड़ा रुख अपनाया” गोरखपुर। खजनी तहसील में तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह की दबंगई पर आखिरकार प्रशासनिक चाबुक चलने जा रहा है। वरिष्ठ सहायक (पेशकार) सुशील कुमार श्रीवास्तव से अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप में उठे बवाल […]
“कलेक्ट्रेट से लेकर मुख्यमंत्री तक गूँजी आवाज़, माफी के बाद भी बच नहीं पाएंगे स्थानांतरण से, डीएम ने कड़ा रुख अपनाया”
गोरखपुर। खजनी तहसील में तहसीलदार ध्रुवेश कुमार सिंह की दबंगई पर आखिरकार प्रशासनिक चाबुक चलने जा रहा है। वरिष्ठ सहायक (पेशकार) सुशील कुमार श्रीवास्तव से अभद्रता और गाली-गलौज करने के आरोप में उठे बवाल ने तहसील से लेकर राजधानी तक हलचल मचा दी।
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क्या हुआ था ?
28 जुलाई को तहसीलदार ने पेशकार को अपने कक्ष में बुलाकर न केवल अपमानित किया, बल्कि भरी मीटिंग में अपशब्द कह डाले। इससे आहत पेशकार ने इस्तीफ़ा जिलाधिकारी को थमा दिया। अगले ही दिन कलेक्ट्रेट के कर्मचारी संगठनों ने धरना-प्रदर्शन कर तहसीलदार को हटाने की मांग तेज़ कर दी।
बवाल से माफी तक का सफर
लगातार बढ़ते दबाव और डीएम के कड़े निर्देशों के बाद, जिलाधिकारी सभागार में तहसीलदार ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली। उन्होंने भविष्य में ऐसी गलती न दोहराने का वचन भी दिया।
बैठक में अंजनी कुमार सिंह अपर जिलाधिकारी नगर राजेश कुमार सिंह उप जिलाधिकारी खजनी राजू कुमार अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रशांत वर्मा अपर नगर मजिस्ट्रेट अनिरुद्ध कुमार राजस्व सहायक विनय सिंह सामान्य लिपिक रितेश शर्मा पेशकार अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व नितिन श्रीवास्तव सहायक राजस्व लेखाकार विश्वेष शुक्ला मंत्री कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ गोरखपुर सहित कलेक्ट्रेट के विभिन्न कर्मचारी गण उपस्थित रहे जिनकी उपस्थिति में ध्रुवेश सिंह द्वारा क्षमा याचना की गई एवं भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृति नहीं करने का वचन भी दिया गया। अपर जिलाधिकारी प्रशासन महोदय द्वारा ध्रुवेश सिंह का स्थानांतरण एक से दो दिन में तहसील खजनी से करने का भी आश्वासन दिया गया है,। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश मिनिस्टीरियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने दो दिन के भीतर उनके स्थानांतरण की सिफारिश कर दी है। डीएम दीपक मीणा ने साफ कहा “मेरे लौटने से पहले मामला निपट जाए, वरना नतीजे गंभीर होंगे।”
पुराना रिकॉर्ड भी दाग़दार
ध्रुवेश सिंह का विवादों से पुराना नाता है। सदर तहसील में भी गाली-गलौज और दुर्व्यवहार के आरोप लगे थे, जिसके बाद उन्हें खजनी भेजा गया था। अब एक बार फिर वही कहानी दोहराने पर उनका ट्रांसफर लगभग तय है।
कर्मचारियों का अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश मिनिस्ट्रियल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ ने चेताया “अगर प्रशासन ने सख़्त कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन और तेज़ होगा।”