नेशनल डेस्क निष्पक्ष टुडे :-
50 से ज्यादा छात्रों के दबे होने की आशंका—सूत्र; दो लोगों को मलबे से निकाला गया, फायर-पुलिस की टीमें रेस्क्यू में जुटीं
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे में कई लोगों, खासकर छात्रों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
50 से ज्यादा स्टूडेंट्स के मलबे में दबे होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, यह संख्या अभी आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है। मौके पर जारी रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
दो लोगों को सुरक्षित निकाला गया :-
ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, राहत-बचाव अभियान के दौरान कम से कम दो लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। बचाव दल लगातार मलबे के अंदर फंसे अन्य लोगों की तलाश कर रहे हैं।
फायर विभाग की कई टीमें मौके पर :-
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। रिपोर्टों के अनुसार आठ फायर टेंडर मौके पर भेजे गए हैं। दिल्ली पुलिस और प्रशासन के अधिकारी भी घटनास्थल पर मौजूद हैं तथा रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की जा रही है।
आसपास की इमारतें भी खाली कराई गईं :-
सुरक्षा को देखते हुए आसपास की कुछ इमारतों को खाली कराया गया है। इलाके में बड़ी संख्या में लोग जमा हैं, जबकि बचाव दल मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
हॉस्टल में रहते थे छात्र?
मीडिया रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां हॉस्टल संचालित होने की जानकारी सामने आई है। इसी वजह से छात्रों के बड़ी संख्या में मौजूद होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, हॉस्टल में हादसे के समय कितने लोग मौजूद थे, इसकी आधिकारिक संख्या अभी सामने नहीं आई है।
बेसमेंट में निर्माण कार्य की बात भी सामने आई
प्रारंभिक जानकारी में बेसमेंट में निर्माण कार्य चलने और इसी दौरान इमारत के ढहने की बात कही जा रही है। लेकिन अभी इसे हादसे की आधिकारिक वजह नहीं माना जा सकता। निर्माण कार्य और बिल्डिंग की संरचनात्मक स्थिति की जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा।
बारिश के बीच हुआ हादसा :-
दिल्ली में पिछले दो दिनों से बारिश का दौर जारी है। कुछ मीडिया रिपोर्टों ने बारिश और हादसे की परिस्थितियों का जिक्र किया है, लेकिन बिल्डिंग गिरने की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है।
पुलिस-प्रशासन की प्राथमिकता :-
रेस्क्यू फिलहाल पुलिस, फायर विभाग और अन्य बचाव दलों का पूरा ध्यान मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने पर है। हादसे में कितने लोग घायल हुए हैं या कितनी जनहानि हुई है, इसकी अंतिम आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।






