नगर निगम क्षेत्र में संपत्तियों के डिजिटल सत्यापन के लिए 26 टीमों का गठन
Agarwal। भारत सरकार के NAKSHA पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र की संपत्तियों के सर्वेक्षण एवं डिजिटल सत्यापन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य शहरी क्षेत्र की संपत्तियों की सटीक पहचान और अभिलेखीकरण को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सुनिश्चित करना है।
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प्रेस नोट के अनुसार, परियोजना के तहत नगर क्षेत्र में कुल 26 सर्वेयर टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में नगर निगम और राजस्व विभाग के कर्मचारी शामिल किए गए हैं। इन टीमों को अलग-अलग वार्डों में तैनात कर सर्वेक्षण कार्य कराया जाएगा, जिससे संपत्तियों का व्यवस्थित और शुद्ध डेटा तैयार किया जा सके।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, लखनऊ से आए तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा सर्वेक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई। इसमें उपयोग किए जाने वाले सॉफ्टवेयर, मोबाइल एप्लिकेशन, लॉगिन प्रक्रिया, डेटा एंट्री और सत्यापन की विधियों पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया गया। साथ ही, सर्वेक्षण के दौरान आने वाली संभावित समस्याओं और उनके समाधान पर भी चर्चा की गई।
अधिकारियों ने निर्देश दिया कि सर्वेक्षण कार्य को पूरी पारदर्शिता, शुद्धता और निर्धारित मानकों के अनुरूप संपन्न किया जाए, ताकि संपत्तियों की सही पहचान हो सके और भविष्य में राजस्व एवं शहरी नियोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
नगर निगम प्रशासन द्वारा गठित टीमों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सर्वेक्षण कार्य को समयबद्ध, व्यवस्थित और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करें।
बताया गया कि इस परियोजना के तहत शीघ्र ही फील्ड में प्रायोगिक प्रशिक्षण (फील्ड प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) भी शुरू किया जाएगा, ताकि सर्वेयर वास्तविक परिस्थितियों में कार्य का अनुभव प्राप्त कर सकें। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में नगर निगम के 41 वार्डों में सर्वेक्षण कार्य संचालित किया जाएगा, जिससे शहरी क्षेत्र में संपत्तियों का सटीक और व्यापक डाटा तैयार हो सके।






