गोरखपुर
राजधानी के राजेंद्र नगर में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट हुए हादसे के बाद गोरखपुर में बेसमेंट में चल रहे 50 से ज्यादा कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
न्यूज़ स्टेट ने ऐसे कोचिंग संस्थानों में कदम-कदम पर खतरा पाया गया. ऐसे कई कोचिंग सेंटर व्यस्त इलाकों में बेसमेंट में चलते मिले, जहां आने-जाने का एक ही रास्ता है और छात्रों की संख्या क्षमता से ज्यादा है. कई अस्पताल ऐसे बेसमेंट में चलाया जा रहा है.
स्टार पीएमटी, बुद्धा कोचिंग समेत कई कोचिंग सेंटर बेसमेंट में चल रहे हैं. हरिओम नगर पहुंचे जहां बेसमेंट में ही सेंटर चलते हैं.
इसी तरह आई आई ई टी कोचिंग भी पैरा मेडिकल की कक्षाएं चलती है. जिन लोगों की लाइब्रेरी या कक्षाएं बेसमेंट में चल रही हैं, उनके प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग गेट नहीं हैं. जबकि नियमों के तहत उन्हें न तो कक्षाएं चलाने की अनुमति है और न ही लाइब्रेरी चलाने की. बेसमेंट का इस्तेमाल सिर्फ स्टोरेज के लिए किया जा सकता है.बेसमेंट को लाइब्रेरी के तौर पर इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है. अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुसार अगर किसी इमारत के बेसमेंट का इस्तेमाल ऑफिस और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है, तो वहां पर्याप्त संख्या में निकास और पहुंच मार्ग होने चाहिए, लेकिन यहां ऐसा नहीं है.
बाइट जीटीए वीसी आनंद वर्धन
राजधानी के राजेंद्र नगर में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट हुए हादसे के बाद गोरखपुर में बेसमेंट में चल रहे
गोरखपुर राजधानी के राजेंद्र नगर में कोचिंग संस्थान के बेसमेंट हुए हादसे के बाद गोरखपुर में बेसमेंट में चल रहे 50 से ज्यादा कोचिंग संस्थान और लाइब्रेरी को लेकर सवाल उठने लगे हैं. न्यूज़ स्टेट ने ऐसे कोचिंग संस्थानों में कदम-कदम पर खतरा पाया गया. ऐसे कई कोचिंग सेंटर व्यस्त इलाकों में बेसमेंट में चलते […]
लेखक: Anil Singh
निष्पक्ष टुडे के विशेष संवाददाता। राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग का अनुभव।
Leave a Reply
सम्बंधित समाचार
कैरियरPal singh
राष्ट्रीय टेक्नो फेस्टिवल 2026 में खगोलविद अमर पाल सिंह को मिला नेशनल कलाम यंग साइंटिस्ट अवॉर्ड
Disaster
हजारों करोड़ का बजट, फिर भी आपदाओं के आगे बेबस सुरक्षा आपदा से पहले तैयारी या तबाही के बाद भरपाई? हजारों करोड़ के बजट के बावजूद सुरक्षा की चुनौती! भारत में आपदा प्रबंधन पर बढ़ता निवेश, जान-माल की क्षति, संसाधनों के उपयोग और जमीनी तैयारियों के बीच अंतर—अब योजनाओं से आगे बढ़कर परिणाम देने का […]



