नारायणी के बाल्मिकी बैराज पर मिल रहे त्रिशूली हादसे के शव
संवाददाता अरविंद कुमार भैरहवा (नेपाल) : बीते 12 जुलाई को नेपाल के चितवन जिला के सीमलताल क्षेत्र में शुक्रवार की भोर में भूस्खलन के कारण त्रिशुली नदी में दो बसों से लापता यात्रियों के शव 103 किलोमीटर दूर नारायणी (गंडक) नदी में बने बाल्मिकी बैराज के पास मिलना शुरू हो गए हैं। नदी में लापता दोनों बसों का अभी तक पता नहीं चल पाया है।बुधवार को तीन शव बरामद हुए हैं। जिनकी पहचान गणपति डीलक्स बस के चालक किशोर चौधरी निवासी परवाह नगर पालिका रौतहट व सह चालक ऋषि कुमार सिंह निवासी चपुर नगर पालिका वार्ड 10 रौतहट के रूप में हुई। एक शव की पहचान नहीं हो पाई है।
नेपाल प्रशासन के अनुसार नदी में लापता करीब 65 यात्रियों में अब तक कुल 17 शव बरामद हुए हैं। जिसमें से नौ की शिनाख्त हुई है। मृतक भारतीयों में जय प्रकाश ठाकुर निवासी बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार , सज्जाद अंसारी बेतिया थाना क्षेत्र, ऋषि पाल शाह निवासी बेतिया बिहार के हैं । अन्य शिनाख्त हुए छह शव नेपाली नागरिकों के हैं।
नेपाल सेना व प्रहरी के 400 से भी अधिक जवान विभिन्न टोलियों में बोट व आधुनिक संयंत्रों की मदद से त्रिशूली व नारायणी नदी में बस और लापता यात्रियों की तलाश जुटे हैं। नवलपरासी जिला में स्थित बाल्मिकी बैराज व उससे निकली नहरों में भी यात्रियों के शव तलाशे जा रहे हैं। भारतीय क्षेत्र में बहने वाली गंडक नदी में तलाश के लिए नेपाल प्रशासन ने यूपी व बिहार के प्रशासन से सहयोग मांगा है।
चितवन के सीडीओ इंद्रदेव यादव ने बताया कि अब तक 17 शव बरामद हुए हैं। त्रिशुली व नारायणी नदी में बस व लापता यात्रियों की तलाश चल रही है।
त्रिशूली नदी के पास जेसीबी के पास खड़े लोग।
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लेखक: Anil Singh
निष्पक्ष टुडे के विशेष संवाददाता। राजनीति, समाज और विकास से जुड़े विषयों पर गहन लेखन और रिपोर्टिंग का अनुभव।
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